तेजा जी फोटो व ईतिहास


 सीमा रही मंडावरिये की ऊंची 

ऊंची एक पहाड़ी थी 

ढलवां सी कुछ भूमि वहां पर 

उसके निकट अगाड़ी थी 


पहुंच गए लेकर गायों को 

मीणे काफी सता भगा 

बिजली चमकी तो तेजा को 

सब परिदृश्य साफ दिखा 


ठहरो! कहां भगे जाते हो 

ललकारा ऊंचे स्वर में 

भय की एक लहर सी दौड़ी

मेर लुटेरों के दल में 


सोचा यह यमदूत यहां तक 

आ पहुंचे आनन-फानन 

तब तक तो कुछ बाण सिरों के 

ऊपर होकर सनन सनन 


थोड़ा आगे बाएं दाएं 

धरती में धंस गए वहां 

कुछ तो छोड़ जूतियां भागे 

हाय राम फस गए कहां