कंटा विराजो देवी कंटा वीराजो ये कोई गाता तो गांव रे धोल्या जाट की हेई जे
प्रथम सिमरू गणपत ने प्रथम स्वरूप कोई दूजा तो सिमरु देवी शारदा हेई जे
खरनाल्य जन्मे तेजाजी खरनल्य जन्मे कोई माह को तो महीना रे 14 चांदनी
जेठ आशाड़ो लाग्यो जेठ साडो कोई लगातोड़ो लाग्यो सावन भादो
धरती को मंडल मोवो धरती को मंडल मेवो कोई मेवा की मंडन अंबर बिजली
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